बाट से बनाया  बटला hindi sex story

bat se batla

कभी किसी लड़की का फिगर अपने हाथो से बनाया है। सच में बहुत मजा आता है। मेरा नाम गोलू और मेरी उमर करीब 22 साल है। मुझे एक छोटी उमर की लड़की से प्यार हो गया था। ये कहानी उस वक्त की है। जब में नया नया मुठ मारना सिखा था। मै रोज मुठ मारा करता था। एक दिन में अपने घर के सामने वाली दूकान में खड़ा हुआ था। तभी मेरी नजर एक छोटी लड़की पे पड़ी वो दिखने में बहुत छोटी थी। पर वो सेक्सी और 18 साल की थी। उसका गांड बस उभरा हुआ था। में मन ही मन सोचने लगा की इसकी गांड में रगड़ने में कितना मजा आएगा। और में उसे घूरने लगा उसकी नजर मेरी और पड़ी और वो भी मुझे घूरने लगी। हम दोनों रोज एक दुसरे को घूरते थे। एक दिन वो मर्केट जाने के लिए अपने सायकल में निकली। में भी उसके पीछे पीछे जाने लगा। थोड़ी दूर जाने के बाद वो रुक गई में उसके पास गया। और कहा हाय मुझे आपसे कुछ बात करनी है। तो उसने कहा हा बोलो मैने कहा आपका नाम क्या है। उसने अपना नाम बताया उसका नाम सुरेखा था। हम दोनों ने थोड़ी देर तक बात किये। फिर वो अपने घर चली गई। वो मुझे अच्छी लगती थी में उसके घर के बहार घूमते रहता था। वो भी अपने छत से मुझे देखती रहती थी। उसका बटला छोटा था। एक दिन उसके घर में कोई भी नहीं था। सुरेखा अपने घर में अकेली थी। मैने इशारो में कहा में आरहा हु। उसने इधर उधर देखा और कहा आजाओ।

में धीरे से उसके घर में चला गया और उसे अपने बाहों में लेकर किस करने लगा। उसने कहा मत करो प्ल्ज़ में अभी ये सब के लिए छोटी हु। मैने कहा हा मुझे पता है। तुम टेंसन मत लो। और में किस करने लगा। में अभी उसे चोद नहीं सकता था क्योकि वो अभी छोटी थी। और उसका बटला भी छोटा था। में उसके बटले को धीरे धीरे दबाने लगा। और मैने सुरेखा को अपना लंड पकड़ा दिया। और कहा इसको लोलीपोप की तरह चुसो। पर उसने मेरा लंड चूसने को मना कर दिया। और मैने भी जिद नहीं की। में उसका कपडा उतार के उसे नंगी कर दिया और उसका पैर फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा। उसे अपना चूत चटवाने में बड़ा मजा आ रहा था। उसे गुदगुदी हो रही थी। मुझे भी उसका चूत चाटने में बड़ा मजा आरहा था। उसने कहा की जल्दी करो मेरे घर वाले कभी भी आ सकते है। इतना सुनते ही मैने उसे उल्टा पलटाया और उसके गांड में अपना लंड रखके रगड़ने लगा। थोडा देर रगड़ने के बाद मैने उसकी गांड में ही पूरा मुठ गिरा दिया। और मैने जल्दी जल्दी अपना कपडा पहना और उसके घर से बहार निकल गया। मै जेसे ही बहार आया थोड़ी देर में उसके घर वाले आ गए।

उसके घर वाले रोज कही ना कही जाया करते थे। और सुरेखा घर में हमेशा अकेली रहती थी। अब में रोज उसकी गांड में अपना लंड रगड़ने लगा और उसके बटले को धीरे धीरे बड़ा कर दिया।  सन्डे की सुबह सुरेखा के घर वाले कही बहार गए पर वो कुछ बहाना करके रुक गई। मैने जेसे ही देखा की उसके घर वाले बहार जा रहै है। में थोड़ी देर बाद सुरेखा के घर गया। और उसे नंगी करके अपने हाथो से बनाया फिगर देखने लगा। सुरेखा ने कहा की गोलू आज तुम मेरे पिछवाड़े में अपना अंदर डालना न। मैने कहा नहीं यार अभी कुछ दिन और रुको पर वो जिद करने लागी और बोलने लगी मैने अपने पिछवाड़े में ऊँगली की है। बहुत मजा आता है। डालो ना मैने कहा ठीक है। और मैने उसके गांड के छेदे में थूक लगा कर अपना लंड धीरे धीरे उसकी छोटी गांड में डालने लगा। सुरेखा के मुह से आवाज आने लगी। आह आह ऊह्ह आह्ह में धीरे धीरे उसकी गांड मारने लगा। उसे गांड मरवाना इतना पसंद आया की अब वो हमेशा मुझसे अपनी गांड ही मरवाती है। और जब मेरा मुठ गिरने वाला होता है। तब मेरे लंड को अपने मुह में लेकर पूरा मुठ पि जाती है। ……….

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