चुदाई की तड़प मजेदार सेक्स  hindi sex story

chudai ki tadap

मैने कई रात अकेले गुजारी है। अब तो अकेले सोने की आदत सी हो गई है। , में रात भर करवट बदलती रहती हु पर मुझे नींद नहीं आती है। में अपनी चूत में ही ऊँगली करके अपनी चुदाई की आग बुझा लेती हु। पर जल्द ही मेरी किस्मत बदलने वाली थी। मेरे घर वाले मेरी शादी करने वाले थे। में खुश थी और रोज अपनी चूत को साफ़ करने लगी और अपने चूत में ऊँगली करना बंद कर दी। कयोकी की अब तो इस चूत में लंड को जाना था। मै सोच रही थी की कितना मजा आएगा जब उसका लंड मेरी चूत में घुसेगा। और जल्द ही मेरी शादी का दिन पास आ गया। मेरा पति हट्टा कट्टा था। शादी के रात सुहागरात के दिन में उसके रूम में पल्लो धक के बेठी थी। उतने में मेरे पति देव मेरे पास आये। और मुझसे बोले जरा अपना घुंघट तो उठाओ मुझे तुम्हार दीदार करने दो। फिर उसी ने मेरा घूँघट उठाया और मुझे किस करने लगा। में भी उसे किस करने लगी। उसने मेरी साड़ी खोल के मुझे नंगा कर दिया। और मेरे बटले को चूसने लगा। और जोर जोर से दबाने लगा। मुझे अच्छा लगने लगा था।

में बिस्तर में लेट गई थोड़ी देर बाद उसने मेरी चूत को सहलाना सुरु किया। मुझे गुदगुदी होने लगी फिर मेरे पति मेरी चूत को चाटने लगा। में अपनी आंख बंद करके उनके जिभ को अपनी चूत में मह्सुश करने लगी। फिर उसने अपना लंड का सुपाडा मेरी चूत में टिका के मेरी चूत चोदने लगा। में ऊउह अआः अआह अआह करने लगी। उसका लंड काफी मोटा था। जो मेरी चूत में पूरा अंदर तक जा रहा था। थोड़ी देर बाद मेरी चूत से पानी निकल गया। फिर उसने कहा की तुम तो इतनी जल्दी झड गई पर अभी तो मेरा गिरा भी नहीं है। उसने मुझे उल्टा होने को कहा में उलटी हो गई। वो मेरी गांड को दबाने लगा और मेरी गांड में ऊँगली करने लगा। मैने कभी अपनी गांड में ऊँगली नहीं की थी। इस कारण मुझे अजीब लग रहा था। पर थोड़ी देर के बाद मुझे अच्छा लगने लगा। और में अपना गांड उपर करने चटवाने लगी। वो भी बड़े मजे के साथ मेरी गांड चाट रहा था। मैने कहा अआह अआह अआह उसने कहा तुम घबराओ मत। जान में तुम्हारी गांड बड़े आराम से मरूँगा तुम्हे दर्द भी नहीं होगा। फिर उसने अपना लंड मेरी गांड में टिका के धीरे धीरे मेरी गांड में अपना लंड घुसाने लगा। में उसके लंड को अपने गांड में घुसते हुए महसूस कर सकती थी। थोड़ी देर बाद वो मेरी गांड को और जोर जोर से मारने लगा। अब में जोर जोर से चिल्लाने लगी। अआह अआह ऊह्ह्ह थोड़ी देर बाद उसने मेरी गांड में ही अपना माल गिरा दिया। में बाथरूम गई और अपना चूत और गांड धो के आई मेरा पति बिस्तर में लेता हुआ था। थोड़ी देर वो मुझसे बात चित किया फिर उसने अपना एक हाथ मेरे बटले में फिरने लगा। मुझे फिर से जोस चड़ने लगा।

वो फिर मेरे बटले को अपने मुह में भर के मेरे चुचिओ को दातो से दबाने लगा। और एक हाथ से मेरी सूजी चूत को मसलने लगा। और फिर वो मेरे उपर चढ़ के अपना लंड मेरी चूत में टिका के मेरी चूत चोदने लगा। में आहाह करती रही। पर उस रात मेरी चुदाई की तड़प पूरी तरह से ठंडा हो चूका था। उस रात मेरे पति ने मुझे 4 बार चोदा और हर बार मेरी गांड जरुर मारा। में पूरी तरह से थक चुकी थी। अब उसका लंड भी खड़ा नहीं हो रहा था। पर भी वो मेरी चूत को सहला रहा था। उस दिन के बाद से हम दोनों कही भी सेक्स कर लेते थे। कभी बाथरूम में तो कभी किचन में मुझे उसकी लंड की खुसबू बहुत अच्छी लगती थी। मुझे उसका लंड चूसने में बहुत अच्छा लगता था। शादी के बाद का मजा तो यह है …..

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